Volvo EX90 Review: एक दिन की ड्राइव में कैसी लगी यह लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV? जानें रेंज, volvo ex90 reliability

Volvo EX90 को कंपनी अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक SUV के तौर पर भारत में पेश करने जा रही है। भारत में इसकी लॉन्चिंग 12 अक्टूबर 2026 को होगी और कंपनी इसे सिर्फ एक फुली-लोडेड वेरिएंट में लाने की तैयारी में है। इस SUV में तीन रो वाली 6-सीटर केबिन, डुअल इलेक्ट्रिक मोटर, 106 kWh बैटरी और एयर सस्पेंशन जैसे फीचर्स मिलेंगे।

लेकिन कागज पर दिए गए आंकड़ों से अलग असली सवाल यह है कि रोजाना इस्तेमाल और लंबी ड्राइव में EX90 कैसी महसूस होती है? एक दिन की ड्राइव के दौरान सामने आई कुछ खास बातों से इसकी ड्राइविंग, आराम, रेंज और चार्जिंग को समझा जा सकता है। साथ ही, volvo ex90 reliability को लेकर भी कुछ अहम बातें सामने आती हैं।

Volvo EX90 की मोटर और परफॉर्मेंस

Volvo EX90 में दो परमानेंट मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटर दी गई हैं, जो आगे और पीछे के एक्सल को चलाती हैं। भारत-स्पेक मॉडल में इनसे करीब 456 bhp की पावर और 670 Nm का टॉर्क मिलता है। पावर के लिए 106 kWh की Li-ion बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

SUV का वजन करीब 2,689 किलोग्राम है। वजन ज्यादा होने के बावजूद डुअल-मोटर सेटअप की वजह से EX90 को चलाने में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होती। कंपनी के मुताबिक यह SUV 0 से 100 km/h की रफ्तार सिर्फ 5.5 सेकंड में पकड़ सकती है।

शहर में इसका एक्सीलरेटर रिस्पॉन्स काफी स्मूथ है। हल्के थ्रॉटल इनपुट पर भी कार बिना झटके के आगे बढ़ती है। ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान यह व्यवहार काफी सुविधाजनक लगता है। अगर अचानक ओवरटेक करना हो तो एक्सीलरेटर दबाते ही पर्याप्त पावर मिल जाती है।

यहां volvo ex90 reliability का एक पहलू इसका पावर डिलीवरी का लगातार और अनुमानित रहना है। इलेक्ट्रिक मोटर की प्रतिक्रिया तुरंत आती है, लेकिन कार इसे अचानक या असहज तरीके से इस्तेमाल नहीं करती।

Volvo EX90: मुख्य स्पेसिफिकेशन

फीचरVolvo EX90
मॉडलVolvo EX90
भारत में लॉन्च12 अक्टूबर 2026
वेरिएंटT5 Twin Motor Ultra
सीटिंग क्षमता6-सीटर
मोटरDual Permanent Magnet Motors
ड्राइवAWD
पावरलगभग 449–456 bhp
टॉर्क670 Nm
बैटरी106 kWh Li-ion
0-100 km/h5.5 सेकंड
टॉप स्पीड180 km/h
WLTP रेंज625 km
ICAT रेंज724 km
वास्तविक रेंजलगभग 500 km
चार्जिंग आर्किटेक्चर800V
DC फास्ट चार्जिंग350 kW
10-80% चार्जलगभग 22 मिनट
AC चार्जिंगलगभग 11 घंटे (3-फेज 16A)
सस्पेंशनDual-Chamber Air Suspension
व्हील21-इंच
ब्रेक20-इंच डिस्क, फ्रंट और रियर
टायरMichelin Pilot Sport EV
रियर टायर295/40
फ्रंट टायर265/45
कर्ब वेट2,689 kg
अनुमानित कीमत₹1 करोड़–₹1.3 करोड़ (एक्स-शोरूम)
मुख्य प्रतिद्वंद्वीMercedes-Benz EQS SUV

हाईवे पर Volvo EX90 का अनुभव

हाईवे पर EX90 का चरित्र और ज्यादा स्पष्ट होता है। तीन अंकों की स्पीड पर भी केबिन काफी शांत रहता है और SUV अपनी रफ्तार को अच्छी तरह बनाए रखती है।

डुअल मोटर सिस्टम स्टैंडस्टिल से ही चारों पहियों को ट्रैक्शन देता है। जरूरत पड़ने पर तेज एक्सीलरेशन मिलता है और ओवरटेक के लिए ज्यादा तैयारी नहीं करनी पड़ती। Volvo की दूसरी कारों की तरह EX90 की टॉप स्पीड भी 180 km/h तक सीमित है।

इसमें ऑफ-रोड मोड भी दिया गया है, जो जरूरत के हिसाब से सस्पेंशन को ऊपर उठाता है और ट्रैक्शन को एडजस्ट करता है। हालांकि टेस्ट ड्राइव के दौरान इसे वास्तविक ऑफ-रोड परिस्थितियों में आजमाने का मौका नहीं मिला।

रीजनरेटिव ब्रेकिंग और वन-पेडल ड्राइव

EX90 में रीजनरेटिव ब्रेकिंग के कई स्तर दिए गए हैं। वन-पेडल ड्राइव में इसे बंद, लो और हाई सेटिंग पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा ऑटो मोड भी मिलता है।

ऑटो मोड की खास बात यह है कि कार आगे चल रहे वाहन और ट्रैफिक की स्थिति को पहचानकर रीजनरेटिव ब्रेकिंग को एडजस्ट कर सकती है। सामने वाहन दूर होने पर कम और दूरी कम होने पर ज्यादा रीजनरेशन इस्तेमाल किया जाता है।

शहर में ट्रैफिक के दौरान यह सिस्टम ड्राइविंग को आसान बनाता है। एक्सीलरेटर छोड़ने पर कार की रफ्तार कम होती है और जरूरत पड़ने पर पूरी तरह रुक भी सकती है।

केबिन में कितना शोर आता है?

EX90 की सबसे आसानी से महसूस होने वाली खूबियों में से एक इसका शांत केबिन है। इलेक्ट्रिक मोटर की आवाज पहले ही काफी कम होती है और इसके ऊपर केबिन इंसुलेशन भी अच्छा काम करता है।

शहर में बाहर का ट्रैफिक शोर काफी हद तक केबिन से बाहर रहता है। हाईवे पर स्पीड बढ़ने के बाद भी विंड और रोड नॉइज बहुत ज्यादा सुनाई नहीं देता। इसी वजह से कई बार कार की रफ्तार का अंदाजा सिर्फ स्पीडोमीटर देखकर ही लगता है।

यह अनुभव volvo ex90 reliability के साथ-साथ इसके लंबे सफर के आराम की तरफ भी इशारा करता है। शांत केबिन लंबी दूरी की ड्राइव को कम थकाने वाला बना सकता है।

Volvo EX90 की रेंज कितनी है?

Volvo EX90 की बैटरी क्षमता 106 kWh है। कंपनी के मुताबिक इसकी WLTP रेंज 625 किलोमीटर है, जबकि ICAT रेंज 724 किलोमीटर बताई गई है।

हालांकि वास्तविक इस्तेमाल में ड्राइविंग स्टाइल, स्पीड, मौसम, एयर कंडीशनिंग और सड़क की स्थिति के आधार पर रेंज बदल सकती है। टेस्ट ड्राइव के अनुभव के आधार पर करीब 500 किलोमीटर की वास्तविक रेंज की उम्मीद की जा सकती है।

जो ग्राहक अधिकतम रेंज चाहते हैं, उनके लिए Range ड्राइविंग मोड भी मिलता है। यह सिस्टम AWD और कुछ अन्य फीचर्स को रेंज को प्राथमिकता देने के हिसाब से एडजस्ट करता है।

800V आर्किटेक्चर और चार्जिंग

EX90 को 800V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है। इसका फायदा खास तौर पर फास्ट चार्जिंग के दौरान मिलता है।

ग्लोबल स्पेसिफिकेशन के अनुसार 3-फेज 16A AC चार्जिंग से बैटरी को 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में करीब 11 घंटे लग सकते हैं। वहीं 350 kW DC फास्ट चार्जर से 10 से 80 प्रतिशत चार्जिंग करीब 22 मिनट में हो सकती है।

भारत में 350 kW के चार्जर अभी बहुत आम नहीं हैं। इसलिए वास्तविक चार्जिंग अनुभव उपलब्ध चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी निर्भर करेगा।

EX90 Volvo की पहली कार है जिसमें bi-directional charging की सुविधा दी गई है। इसका इस्तेमाल घर में कुछ डिवाइस को कार की बैटरी से पावर देने के लिए किया जा सकता है।

एयर सस्पेंशन से कैसी है राइड क्वालिटी?

Volvo EX90 में dual-chamber air suspension दिया गया है। इसमें Soft, Standard और Firm तीन सेटिंग मिलती हैं। टेस्ट कार में 21-इंच के पहिए थे।

Soft मोड भारतीय सड़कों के लिए सबसे उपयोगी लगता है। छोटे और मध्यम आकार के गड्ढों को यह काफी अच्छी तरह संभाल लेता है। खराब सड़क पर केबिन में झटके कम महसूस होते हैं।

हालांकि बड़े गड्ढों पर वजन और बड़े पहियों का असर महसूस होता है। ऐसे रास्तों पर स्पीड कम रखना बेहतर रहेगा। यह सस्पेंशन सिस्टम खराब सड़कों के लिए बना हुआ ऑफ-रोड सेटअप नहीं है।

Standard मोड हाईवे के लिए ज्यादा उपयुक्त लगता है। यह बॉडी की ऊपर-नीचे होने वाली मूवमेंट को अच्छी तरह नियंत्रित करता है।

Firm मोड में कार काफी सख्त हो जाती है। सामान्य शहर की सड़कों पर इस सेटिंग का इस्तेमाल आरामदायक नहीं लगेगा, लेकिन अच्छी घुमावदार सड़कों पर इससे बॉडी कंट्रोल बेहतर महसूस हो सकता है।

कॉर्नरिंग और स्टीयरिंग

EX90 में एक्टिव चेसिस भी दिया गया है, जो राइड हाइट और सस्पेंशन की stiffness को लगातार एडजस्ट करता है। सिस्टम सड़क, कार और ड्राइवर की स्थिति के अनुसार बदलाव कर सकता है।

सामान्य सड़कों पर बॉडी रोल अच्छी तरह नियंत्रित रहता है। करीब 2.7 टन वजन वाली SUV होने के बावजूद EX90 अपने आकार और वजन को ड्राइविंग के दौरान काफी हद तक छिपा लेती है।

स्टीयरिंग में भी Soft, Standard और Firm तीन मोड मिलते हैं। Soft और Standard रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आसान हैं। स्पीड बढ़ने पर स्टीयरिंग में जरूरी वजन आ जाता है और कार को लाइन में रखना आसान रहता है।

ब्रेकिंग और टायर

EX90 में आगे और पीछे 20-इंच डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। हाई स्पीड से ब्रेक लगाने पर भी कार स्थिर रहती है और ब्रेकिंग रिस्पॉन्स प्रोग्रेसिव महसूस होता है।

टेस्ट कार में आगे 265/45 और पीछे 295/40 सेक्शन के Michelin Pilot Sport EV टायर लगे थे। इन टायरों की ग्रिप अच्छी है और सड़क पर इनसे आने वाला शोर भी काफी कम है।

कुल मिलाकर, volvo ex90 reliability को सिर्फ मोटर और बैटरी के आधार पर देखना सही नहीं होगा। सस्पेंशन, ब्रेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, ADAS और चार्जिंग सिस्टम भी लंबे समय में कार के ओवरऑल अनुभव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भारत में कीमत और मुकाबला

Volvo EX90 की आधिकारिक कीमत लॉन्च के समय सामने आएगी। अनुमान है कि इसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये से 1.3 करोड़ रुपये एक्स-शोरूम के बीच हो सकती है।

भारत में इसका सामना Mercedes-Benz EQS SUV जैसी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUVs से होगा। EX90 में तीन रो वाली 6-सीटर व्यवस्था, AWD, एयर सस्पेंशन, बड़ा बैटरी पैक और कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं।

Volvo इसे सिर्फ एक वेरिएंट में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसमें चार-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, ग्लास रूफ, Digital Key Plus, Level 2 ADAS, 360-डिग्री कैमरा, ऑटोपार्क, 25-स्पीकर Bowers & Wilkins ऑडियो सिस्टम और फुल LED लाइटिंग जैसे फीचर्स शामिल होंगे।

Volvo EX90 reliability को लेकर शुरुआती निष्कर्ष

एक दिन की ड्राइव के आधार पर किसी नई इलेक्ट्रिक SUV की लंबे समय की विश्वसनीयता पर अंतिम फैसला देना जल्दबाजी होगी। फिर भी शुरुआती अनुभव में EX90 की मोटर, ब्रेकिंग, सस्पेंशन, केबिन इंसुलेशन और ड्राइविंग सिस्टम अच्छी तरह काम करते नजर आते हैं।

volvo ex90 reliability के मामले में असली तस्वीर कुछ सालों के इस्तेमाल के बाद ही सामने आएगी, खासकर बैटरी की क्षमता, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयर सस्पेंशन जैसे महंगे कंपोनेंट्स को लेकर।

फिलहाल volvo ex90 reliability पर बात करें तो इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका शांत और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव है। वहीं भारतीय ग्राहकों के लिए सर्विस नेटवर्क, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी अवधि की मेंटेनेंस लागत भी खरीद का फैसला करते समय उतनी ही महत्वपूर्ण होंगी।

volvo ex90 reliability को लेकर अंतिम राय देने के लिए लंबे समय का ओनरशिप डेटा जरूरी होगा। लेकिन शुरुआती ड्राइव से यह जरूर साफ होता है कि EX90 को सिर्फ एक तेज इलेक्ट्रिक SUV के तौर पर नहीं, बल्कि लंबी दूरी और रोजमर्रा की लग्जरी ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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