
अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आने वाले समय में आपकी कार की सुरक्षा पहले से काफी बेहतर होने वाली है। Euro NCAP ने अपने Euro NCAP 2026 Protocols जारी कर दिए हैं, जिसमें ड्राइवर की फोकस, ध्यान और वास्तविक दुनिया की जरूरतों पर खास जोर दिया गया है। यह बदलाव 2009 के बाद से सबसे बड़ा अपडेट माना जा रहा है। नए प्रोटोकॉल कारों की टेस्टिंग और स्कोरिंग को और ज्यादा प्रैक्टिकल बनाएंगे।
फिजिकल बटन को मिलेगी ज्यादा अहमियत
आजकल कई कारें टचस्क्रीन पर निर्भर हो गई हैं, जिससे चलते समय ड्राइवर का ध्यान भटकने का खतरा रहता है। 2026 के नियमों में ऐसे फीचर्स के लिए ज्यादा अंक मिलेंगे, जिनमें जरूरी फंक्शन के लिए फिजिकल बटन दिए गए हों।
इसके साथ ही, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम को भी अपडेटेड तरीके से जांचा जाएगा—जैसे आँखों और सिर की मूवमेंट पर नज़र रखना, ड्राइविंग स्टाइल के हिसाब से सिस्टम की संवेदनशीलता को एडजस्ट करना और जरूरत पड़ने पर कार को सुरक्षित तरीके से रोक पाना।
ADAS में कम चेतावनी और ज्यादा सटीकता
Euro NCAP 2026 Protocols का बड़ा हिस्सा ADAS सिस्टम की वास्तविक दुनिया में परफॉर्मेंस पर आधारित होगा। Lane Support और Autonomous Emergency Braking जैसी तकनीकों का टेस्ट अब साइकिल सवारों, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के साथ कई तरह के परिदृश्यों में किया जाएगा।
अगर ADAS सिस्टम अनचाही चेतावनियां देता है या बीच-बीच में अप्रत्याशित तरीके से दखल देता है, तो कार के अंक कम हो जाएंगे।
क्रैश प्रोटेक्शन में सभी उम्र के लिए बेहतर सुरक्षा
नए नियमों में अलग-अलग उम्र और अलग-अलग शरीर संरचना वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए वर्चुअल सिमुलेशन और स्लेज टेस्ट का उपयोग किया जाएगा।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी अब विंडस्क्रीन क्षेत्र के आसपास खास तौर पर जांची जाएगी, क्योंकि यही हिस्सा अधिक जोखिम वाला होता है।
पोस्ट-क्रैश सुरक्षा हुई और मजबूत
किसी भी दुर्घटना के बाद तुरंत मदद मिलना बेहद जरूरी होता है। 2026 प्रोटोकॉल में यह देखा जाएगा कि कार के इलेक्ट्रिक डोर हैंडल दुर्घटना के बाद भी काम करते हैं या नहीं, ताकि रेस्क्यू टीम आसानी से अंदर पहुंच सके।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए हाई-वोल्टेज बैटरी का आइसोलेशन और बैटरी फायर की चेतावनी देने वाली तकनीक अनिवार्य रूप से जांची जाएगी।
भारत में भी बदलाव की तैयारी – Bharat NCAP 2.0
भारत में भी सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की तैयारी चल रही है। Bharat NCAP 2.0 में सिर्फ वयस्क और बच्चों की सुरक्षा के बजाय पांच अलग-अलग सुरक्षा पैरामीटर पर रेटिंग दी जाएगी। यह अपडेट 2027 से लागू होने की संभावना है।
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Euro NCAP 2026 Protocols – मुख्य बदलाव (तालिका)
| श्रेणी | क्या बदला जाएगा |
|---|---|
| Safe Driving | फिजिकल बटन, ड्राइवर मॉनिटरिंग, सीटबेल्ट डिटेक्शन |
| Crash Avoidance | बेहतर ADAS, कम चेतावनियाँ, स्मूथ लेन सपोर्ट |
| Crash Protection | बच्चों, बुजुर्गों और विविध बॉडी-टाइप पर आधारित टेस्ट |
| Post-Crash Safety | डोर हैंडल ऑपरेशनल रहना, EV बैटरी सुरक्षा, रेस्क्यू सूचना |
| Scoring Update | अधिक वास्तविक दुनिया आधारित टेस्ट और स्कोरिंग |
अगर आप सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, तो Euro NCAP 2026 Protocols आने वाले समय में आपकी पसंद की कार चुनने में काफी मदद करेंगे। नए अपडेट ड्राइविंग अनुभव को आसान, सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद बनाएंगे।
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